शनिवार, 29 जनवरी 2011

लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे

लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कानून बनवाने के लिए जन प्रदर्शन
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कानून केंद्र में लोकपाल और हरेक राज्य में प्रभावशाली और सशक्त लोकायुक्त बनवाने के लिए शिक्षक पार्क परेड से गांधी प्रतिमा, फूलबाग 30 जनवरी 2011 को, महात्मा गांधी की शहादत के दिन, दोपहर 12 बजे से कानपुर के आम लोग पैदल मार्च करेंगे।
किरण बेदी, जस्टिस संतोष हेगड़े, प्रशांत भूषण, जे. एम. लिंग्दोह और अरविंद केजरीवाल ने मिलकर भ्रष्टाचार के खिलाफ एक प्रारूप तैयार किया है। इस प्रारूप को लागू करवाने के लिए ‘‘भ्रष्टाचार के खिलाफ जनयुद्ध अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान श्री श्री रवि शंकर, स्वामी रामदेव, स्वामी अग्निवेश, दिल्ली के आचार्य बिशप, श्री विंसेंट एम कोंसेसाओ किरण बेदी, अरविंद केजरीवाल, अन्ना हज़ारे, देविंदर शर्मा, सुनिता गोदरा, मल्लिका साराभाई ने शुरू किया है।
सोनिया गांधी जी ने कुछ दिन पहले भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकपाल बनाने की घोषणा की थी। लेकिन सरकार जिस तरह का लोकपाल बनाने जा रही है वह दिखावा मात्रा है। बाकी एंटी-करप्शन संस्थाओं की तरह लोकपाल को भी सिर्फ सलाह देने वाली संस्था बनाया जा रहा है। यानि भ्रष्टाचार पाए जाने पर लोकपाल सरकार को अपने ही मंत्रियों के खिलाफ एक्शन लेने की सलाह देगा। क्या प्रधानमंत्री में यह राजनीतिक साहस होगा कि वह अपने किसी मंत्री के खिलाफ एक्शन ले?
भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता की तरफ से गणमान्य लोगों द्वारा तैयार किये गए लोकपाल कानून को लागू करवाने के लिए 30 जनवरी को हो रहे मार्च में आप भी आइये और अधिक से अधिक लोगों को आने के लिए कहिए।

क्या भारत बदल सकता है?
हागकाग में 1970 के दशक तक भारत से भी ज्यादा भ्रष्टाचार था।  इसके चलते पुलिस और माफिया के बीच सांठगांठ बढ़ गई। नतीजन अपराध बढ़ गया। लाखों लोग सड़क पर उतर आए और सरकार को एक कानून पास करके ‘‘भ्रष्टाचार के खिलापफ स्वतंत्रा आयोग’’ ICAC बनाना पड़ा। इस आयोग को नेताओं और अफसरों के खिलाफ जांच करने व मुकदमा चलाने का अधिकार दिया गया। एक ही झटके में इस आयोग ने 180 में से 119 पुलिस अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया। इससे पूरी नौकरशाही में संदेश गया कि अब भ्रष्टाचार नहीं चलने वाला। नतीज़ा ये हुआ कि आज हागकाग लगभग एक भ्रष्टाचार मुक्त देश है और ICAC सारी दुनिया के लिए एक मिसाल बन चुका है। भारत भी बदल सकता है अगर हमारे यहां भी इस तरह की कोई स्वतंत्र और शक्तिशाली संस्था बनाई जाए। हांगकाग सरकार को यह कानून इसलिए बनाना पड़ा क्योंकि लाखों लोग सड़क पर उतर आए।
भ्रष्टाचार के खिलापफ एक शक्तिशाली लोकपाल बिल बनवाने के लिए आप भी पैदल मार्च में शामिल हों।
30 जनवरी 2011, दोपहर 1200 बजे शिक्षक पार्क, परेड, कानपुर में एकत्रित हों
महात्मा गांधी को इससे बड़ी श्रद्धांजली और क्या हो सकती है।
भ्रष्टाचार के खिलापफ जनयुद्ध
कानपुरः शंकर सिंह, मो0 9956576907
ए-119, कौशांबी, गाज़ियाबाद - 201010, उ.प्र., फोनः 9717460029
E-mail:  indiaagainstcorruption.2010@gmail.com www.indiaagainstcorruption.org

1 टिप्पणी:

  1. भ्रष्टाचार एक बीमारी की तरह फेल रहा है ..इसे ख़त्म करना होगा वरना ये देश को ही ख़त्म कर देगा .............

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